Saturday, May 17, 2014
Monday, May 5, 2014
Thursday, May 1, 2014
Saturday, January 25, 2014
कबीर दास जी के दोहे
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय,
माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय।
माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय।
अर्थ : मन में धीरज रखने से सब कुछ होता है. अगर कोई माली किसी पेड़ को सौ घड़े पानी से सींचने लगे तब भी फल तो ऋतु आने पर ही लगेगा !
Saturday, November 2, 2013
Monday, October 21, 2013
Saturday, October 12, 2013
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